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I Am Peace

An important feature of lives of successful people is a mind which remains free of questions and always remains solution based.  Very often, problems of the world shake up the mind and make you confused, leading to negative results in life’s situations and also harming relationships with people. Ideally, people around us remain content with us when our mind is relaxed and free from any mental disturbances. A very important habit that we should choose to make a part of our personality is the ability to give a brake to our thoughts of fear and anxiety. We need to do this in any type of situation and instead create thoughts of determination and surety of success so that even negative situations bring about positive results. Thoughts increase when negative situations come close to us and have an impact on our minds. So, in such situations, first of all it is important to realize, that any such situation has a hidden benefit inside it. We cannot see this benefit and also being sure t...

कहानी 9 : सच्चा दोस्त

1. बच्चों को सुनाने की कहानी एक बार दो अच्छे दोस्त जंगल से गुजर रहे थे। वे दोनों हमेशा कहते थे “हम हमेशा एक-दूसरे का साथ देंगे।” अचानक सामने से एक भालू आ गया। एक दोस्त जल्दी से पेड़ पर चढ़ गया। दूसरे दोस्त को पेड़ पर चढ़ना नहीं आता था। वह जमीन पर लेट गया और साँस रोककर मरने का अभिनय करने लगा। भालू उसके पास आया, उसे सूंघा… और उसे मरा हुआ समझकर चला गया। जब भालू चला गया, तो पेड़ पर बैठा दोस्त नीचे आया। उसने पूछा “भालू तुम्हारे कान में क्या कह रहा था?” दूसरा दोस्त बोला “भालू कह रहा था — ऐसे दोस्त से दूर रहो जो मुसीबत में तुम्हें छोड़ दे।” --- सीख सच्चा दोस्त वही है जो मुश्किल समय में साथ दे। --- 2. आवाज़ ट्रेनिंग जगह कैसे बोलें कहानी शुरू शांत भालू आना डरावनी आवाज दोस्त भागना तेज़ भालू सूंघना धीरे अंत समझाने वाली आवाज उदाहरण “अचानक… एक बड़ा भालू आ गया!!!” --- 3. स्टेज ट्रेनिंग पात्र 2 दोस्त 1 भालू 2 पेड़ स्टेज सजावट हरा कपड़ा = जंगल पेड़ = खड़े बच्चे --- स्टेज संवाद दोस्त 1 “हम हमेशा साथ रहेंगे!” (भालू आता है) “मैं पेड़ पर चढ़ रहा हूँ!” --- दोस्त 2 “अरे! मुझे भी साथ ले चलो!” --- 4. ग्रुप ...

कहानी 10 : सच बोलने वाला बालक

  1. बच्चों को सुनाने की कहानी एक गाँव में एक छोटा सा बालक रहता था। वह बहुत सीधा और सच्चा था। एक दिन वह घर में खेल रहा था। खेलते-खेलते उसने गलती से एक घड़ा तोड़ दिया। “धड़ाम!!!” बालक डर गया। उसे लगा कि माँ उसे डाँटेंगी। लेकिन उसने सोचा “मुझे सच बोलना चाहिए।” जब माँ आईं, तो बालक बोला “माँ, मैंने गलती से घड़ा तोड़ दिया।” माँ ने पहले उसे देखा… फिर मुस्कुराईं। माँ बोलीं “तुमने सच बोला, मुझे तुम पर गर्व है।” और उन्होंने उसे प्यार किया। --- सीख गलती हो जाए तो भी हमेशा सच बोलना चाहिए। --- 2. आवाज़ ट्रेनिंग जगह कैसे बोलें कहानी शुरू शांत घड़ा टूटना “धड़ाम!” जोर से बच्चा डरना धीमी आवाज सच बोलना साफ और धीमी माँ खुश होना प्यार भरी आवाज उदाहरण “माँ… मैंने घड़ा तोड़ दिया…” --- 3. स्टेज ट्रेनिंग पात्र 1 बालक 1 माँ 2 घर के सदस्य (वैकल्पिक) स्टेज सजावट मिट्टी का बर्तन = घड़ा घर जैसा सेट --- स्टेज संवाद बालक “मैं खेल रहा हूँ…” (घड़ा टूटता है) “ओह! अब क्या करूँ?” --- माँ “यह किसने किया?” --- बालक “माँ, मैंने किया।” --- 4. ग्रुप खेल खेल : सच बोलो शिक्षक बच्चों से छोटे सवाल पूछे जैसे “अगर तुमसे गलती...

कहानी 11 : श्रवण कुमार

  1. बच्चों को सुनाने की कहानी बहुत समय पहले एक बालक था — श्रवण कुमार। वह अपने माता-पिता से बहुत प्यार करता था। उसके माता-पिता अंधे थे। वे कहीं जा नहीं सकते थे। श्रवण कुमार ने सोचा “मैं अपने माता-पिता को तीर्थ यात्रा कराऊँगा।” उसने एक कांवड़ बनाई। दोनों तरफ टोकरी रखी और अपने माता-पिता को बैठाया। वह उन्हें अपने कंधों पर बैठाकर जंगल-जंगल, गाँव-गाँव घुमाने लगा। एक दिन वह पानी लेने गया। उसी समय राजा दशरथ शिकार कर रहे थे। उन्हें लगा कोई जानवर पानी पी रहा है। उन्होंने तीर चला दिया। तीर जाकर श्रवण कुमार को लग गया। श्रवण कुमार गिर पड़ा। राजा दौड़कर आए और दुखी हो गए। श्रवण कुमार ने कहा “राजा जी… मेरे माता-पिता को पानी दे दीजिए…” और फिर उसने अपने प्राण त्याग दिए। राजा जब उसके माता-पिता के पास पहुँचे तो वे बहुत दुखी हुए। --- सीख हमें हमेशा माता-पिता की सेवा और सम्मान करना चाहिए। --- 2. आवाज़ ट्रेनिंग जगह कैसे बोलें कहानी शुरू शांत माता-पिता का प्यार भावुक तीर लगना थोड़ा तेज़ अंतिम संवाद धीमी और दुखी अंत गंभीर उदाहरण “राजा जी… मेरे माता-पिता को पानी दे दीजिए…” --- 3. स्टेज ट्रेनिंग पात्र 1 श...

कहानी 12 : गणेश जी की परिक्रमा

1. बच्चों को सुनाने की कहानी एक दिन भगवान शिव जी और माता पार्वती ने अपने दोनों पुत्रों — गणेश जी और कार्तिकेय — से कहा: “जो पूरी दुनिया की परिक्रमा करके पहले आएगा, वही विजेता होगा।” कार्तिकेय तुरंत अपने मोर पर बैठकर दुनिया की परिक्रमा करने निकल पड़े। लेकिन गणेश जी शांत खड़े रहे। उन्होंने सोचा… “मेरे लिए मेरे माता-पिता ही पूरी दुनिया हैं।” फिर उन्होंने अपने माता-पिता के चारों ओर तीन बार परिक्रमा की। और हाथ जोड़कर बोले “आप ही मेरी दुनिया हैं।” जब कार्तिकेय वापस आए, तो उन्होंने देखा कि गणेश जी पहले ही जीत चुके हैं। शिव जी और पार्वती जी बहुत प्रसन्न हुए और गणेश जी को विजेता घोषित किया। --- सीख माता-पिता ही हमारे लिए सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। --- 2. आवाज़ ट्रेनिंग जगह कैसे बोलें कहानी शुरू शांत प्रतियोगिता घोषणा उत्साह कार्तिकेय उड़ना तेज़ गणेश जी सोचना धीमी जीत खुशी उदाहरण “आप ही मेरी पूरी दुनिया हैं।” --- 3. स्टेज ट्रेनिंग पात्र 1 गणेश जी 1 कार्तिकेय 1 शिव जी 1 पार्वती जी स्टेज सजावट कुर्सी = पर्वत (कैलाश) रंगीन कपड़े = देवता --- स्टेज संवाद शिव जी “जो दुनिया की परिक्रमा कर...

कहानी 13 : मेहनती चींटी

1. बच्चों को सुनाने की कहानी एक बार की बात है, एक छोटी मेहनती चींटी थी। वह हर दिन खाना इकट्ठा करती रहती थी। गर्मी के दिनों में वह बहुत मेहनत करती और अपने घर में अनाज जमा करती थी। वहीं पास में एक टिड्डा (grasshopper) था। वह दिन भर गाता और खेलता रहता था। वह चींटी से कहता “तुम इतना काम क्यों करती हो? चलो खेलते हैं!” चींटी बोली “मुझे भविष्य के लिए तैयारी करनी है।” कुछ समय बाद बरसात और सर्दी आ गई। अब टिड्डे के पास खाने को कुछ नहीं था। वह भूखा और परेशान हो गया। लेकिन चींटी के पास बहुत सारा खाना था। टिड्डे को अपनी गलती समझ आ गई। --- सीख समय पर मेहनत करने वाला ही आगे खुश रहता है। --- 2. आवाज़ ट्रेनिंग जगह कैसे बोलें कहानी शुरू शांत चींटी काम करना सामान्य टिड्डा गाना मजेदार सर्दी आना धीमी अंत समझाने वाली उदाहरण “चलो खेलते हैं!” (मस्ती भरी आवाज) --- 3. स्टेज ट्रेनिंग पात्र 1 चींटी 1 टिड्डा 2–3 अनाज के दाने (बच्चे) मौसम (बारिश) स्टेज सजावट कागज = अनाज नीला कपड़ा = बारिश --- स्टेज संवाद चींटी “मुझे मेहनत करनी है।” --- टिड्डा “अरे छोड़ो काम! चलो खेलते हैं!” --- 4. ग्रुप खेल खेल : मेहनत करो बच्चों...

कहानी 14 : दयालु राजा

  1. बच्चों को सुनाने की कहानी एक राज्य में एक दयालु राजा रहता था। वह हमेशा अपने लोगों की मदद करता था। एक दिन वह अपने राज्य में घूम रहा था। उसने देखा कि एक गरीब बूढ़ा आदमी भूखा बैठा है। राजा तुरंत उसके पास गया और उसे खाना और पानी दिया। कुछ दूर जाने पर उसने देखा एक घायल पक्षी जमीन पर पड़ा है। राजा ने उसे उठाया, उसका इलाज करवाया और उसकी जान बचाई। राजा रोज ऐसे ही लोगों और जानवरों की मदद करता था। इसलिए उसके राज्य के सभी लोग उसे बहुत प्यार करते थे। --- सीख दया और मदद करने से हमें सबका प्यार मिलता है। --- 2. आवाज़ ट्रेनिंग जगह कैसे बोलें कहानी शुरू शांत गरीब आदमी देखना दुखी आवाज राजा मदद करना प्यार भरी आवाज पक्षी घायल धीमी अंत खुशी उदाहरण “लो, यह खाना खा लो।” --- 3. स्टेज ट्रेनिंग पात्र 1 राजा 1 गरीब आदमी 1 पक्षी 2–3 लोग स्टेज सजावट कुर्सी = सिंहासन कपड़ा = सड़क/गाँव --- स्टेज संवाद राजा “मैं अपने लोगों की मदद करूँगा।” --- गरीब आदमी “मुझे बहुत भूख लगी है…” --- राजा “लो, यह खाना खा लो।” --- 4. ग्रुप खेल खेल : मदद करो बच्चों को छोटे-छोटे काम दें पानी देना किताब उठाना दोस्त को उठाना जो बच...

🚀 ISRO का मुफ्त Space Camp – बच्चों के लिए सुनहरा मौका! 🌟

  🛰️ YUVIKA 2026 – युवा विज्ञानी कार्यक्रम (ISRO Young Scientist Programme) क्या आपका बच्चा Class 9 में पढ़ता है? 🎒 तो यह मौका मत छोड़िए! ✨ 🔭 YUVIKA क्या है? ISRO (इसरो) हर साल 9वीं कक्षा के होनहार छात्रों को अपने Space Centres पर बुलाता है — वैज्ञानिकों से मिलने, Labs देखने और Space Science सीखने के लिए! 🌍🌕 📌 ज़रूरी जानकारी: ✅ कौन apply कर सकता है? 👉 जो बच्चे 1 जनवरी 2026 को Class 9 में थे 📅 Last Date: 31 मार्च 2026 🗓️ Programme: 11 मई – 22 मई 2026 (2 हफ्ते) 🏛️ Centres में शामिल है: अहमदाबाद (SAC), बैंगलोर, श्रीहरिकोटा और अन्य 7 जगहें 💰 पूरा खर्च ISRO देगा! 🚂 Train Ticket (II AC) 🍽️ खाना 🏠 रहना 📚 Study Material आपको एक भी रुपया नहीं देना! 🎉 📊 Selection कैसे होगा? 📝 8वीं के Marks → 50% 🌾 गाँव/ग्रामीण स्कूल → 15% extra 💻 Online Quiz → 10% 🏆 Science Fair / NCC / Sports → बाकी points 🌐 Apply करें अभी 👉  📢 अपने बच्चे के Teacher से Bonafide Certificate ज़रूर लें — registration के लिए जरूरी है! 🤲 यह message उन सभी Parents को भेजें जिनके बच्चे Class 9 में ह...

🚩अम्बे जी की आरती

🚩जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुम को निशदिन ध्यावत तुम को निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी ओम्  जय अम्बे गौरी जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुम को निशदिन ध्यावत तुम को निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी ओम्  जय अम्बे गौरी मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को मैया टीको मृगमद को उज्जवल से दोउ नैना उज्जवल से दोउ नैना चन्द्रबदन नीको ओम्  जय अम्बे गौरी कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजे मैया रक्ताम्बर राजे रक्त पुष्प दल माला रक्त पुष्प दल माला कंठन पर साजे ओम्  जय अम्बे गौरी केहरि वाहन राजत खड़्ग खप्पर धारी मैया खड़्ग खप्पर धारी सुर-नर मुनिजन सेवत सुर-नर मुनिजन सेवत तिनके दुखहारी ओम्  जय अम्बे गौरी कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती मैया नासाग्रे मोती कोटिक चन्द्र दिवाकर कोटिक चन्द्र दिवाकर राजत सम ज्योति ओम्  जय अम्बे गौरी शुम्भ निशुम्भ विडारे, महिषासुर धाती मैया महिषासुर धाती धूम्र विलोचन नैना धूम्र विलोचन नैना निशदिन मदमाती ओम्  जय अम्बे गौरी चण्ड मुण्ड संहारे, सोणित बीज हरे मैया सोणित बीज हरे मधु कैटभ दोऊ मारे मधु कैटभ दोऊ मारे सुर भयहीन करे ओम्  ज...

🚩 खाना बनाते समय क्या आपको चाहिए आसान और उपयोगी टिप्स

प्रायः लोग खाना बनाने से दूर भागते हैं क्योंकि उन्हें किचन में होने वाली गलतियों से डर लगता है। उन्हें लगता है कि अगर खाना जल गया तो या कच्चा रह गया तो या फिर स्वाद अच्छा नहीं हुआ तो! मगर ये उतना मुश्किल है नहीं जितना लोग इसे समझते हैं। इन सभी गलतियों के लिए एक्सपर्ट्स ने कई टिप्स और हैक्स तैयार किये हैं जिनकी मदद से किचन में हुई छोटी-मोटी गलतियों को सुधारा जा सकता है। जानें 20 कमाल के किचन टिप्स जो आपके खाने का स्वाद दुगना कर देंगे। ये टिप्स बनाएंगे आपके खाना पकाने के अनुभव को और भी बेहतर! 1. छेना फाड़ने के बाद उससे निकला पानी फेंके नहीं। उसका इस्तेमाल रोटी या परांठे का आटा गूंथने के लिए करें। रोटी-पराठे ज़्यादा टेस्टी और मुलायम बनेंगे। 2. पकौड़ों के लिए बैटर बनाते समय उसमें थोड़ा-सा चावल का आटा मिला दें, पकौड़े ज़्यादा क्रिस्पी बनेंगे। 3. पुरानी या बासी ब्रेड को पीस कर एयरटाइट डिब्बे में रख लें। बाद में इसका इस्तेमाल कटलेट या कबाब बनाने में करेंगे। वो टूटेंगे भी नहीं और स्वादिष्ट भी बनेंगे। 4. कोई भी मीठी डिश बनाते समय उसमें एक चुटकी नमक डालें, इससे स्वाद और ज़्यादा उभर कर आएगा। 5....

🚩 वेट लॉस बेसिक डाइट चार्ट फ्रॉम डाइटीशियन

सुबह-सुबह 5.30 सुबह   1 गिलास गुनगुना पानी + 1/4 नींबू रस + 2 भीगे हुए बादाम + 5 किशमिश 7.15 सुबह सैर के बाद 1 कप जल सूर्य नमस्कार या एक्सरसाइज करने के बाद  नाश्ता 9.30 सुबह   एक प्लेट सूजी उपमा या 1 प्लेट सूजीशेवया 2 डोसा + भुने चने दाल की चटनी उपमा या 2 इडली + सांबर  या फुल्का + एक कटोरी आपके मनपसंद कोई भी अंकुरित अनाज  11.30 सुबह  1 गिलास छाछ   1.30 दोपहर  3/4 ज्वार /नाचनी/ बाजरा की रोटी / या फुल्का + 1कटोरी कोई भी दाल/ या + हरी सब्जी या (मूंग मसूर मटकी) आपके मनपसंद अंकुरित अनाज + 1 कटोरी दही /या एक ग्लास छाछ + मिक्स सलाद /या टोमेटो गाजर खीरा मिलाकर दही मिलाकर रायता भी बना सकती   दोपहर 3.30 बजे 1 कोई भी मौसमी फल (आम चीकू मैंगो कटहल छोड़ कर ) 5.30pm दोपहर एक कप चाय + 1कटोरी मुरमुरा चिवड़ा / या + भुने हुए चने एक कटोरी या/ सिंपल खाखरा 8.00 रात बजे का भोजन 1) 1 फुल्का + हरी पत्ती सब्जी + एक कटोरी दाल + 1 कटोरी रायता 2) एक फुल्का + मसूर करी + सलाद 3) उबले हुए मूंग उसके साथ टोमेटो प्याज दही के साथ मूंग चाट 4) मुंह उतप्पा मूंग दाल...