कहानी 12 : गणेश जी की परिक्रमा
1. बच्चों को सुनाने की कहानी
एक दिन भगवान शिव जी और माता पार्वती ने अपने दोनों पुत्रों —
गणेश जी और कार्तिकेय — से कहा:
“जो पूरी दुनिया की परिक्रमा करके पहले आएगा, वही विजेता होगा।”
कार्तिकेय तुरंत अपने मोर पर बैठकर दुनिया की परिक्रमा करने निकल पड़े।
लेकिन गणेश जी शांत खड़े रहे।
उन्होंने सोचा…
“मेरे लिए मेरे माता-पिता ही पूरी दुनिया हैं।”
फिर उन्होंने अपने माता-पिता के चारों ओर तीन बार परिक्रमा की।
और हाथ जोड़कर बोले
“आप ही मेरी दुनिया हैं।”
जब कार्तिकेय वापस आए,
तो उन्होंने देखा कि गणेश जी पहले ही जीत चुके हैं।
शिव जी और पार्वती जी बहुत प्रसन्न हुए
और गणेश जी को विजेता घोषित किया।
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सीख
माता-पिता ही हमारे लिए सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।
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2. आवाज़ ट्रेनिंग
जगह कैसे बोलें
कहानी शुरू शांत
प्रतियोगिता घोषणा उत्साह
कार्तिकेय उड़ना तेज़
गणेश जी सोचना धीमी
जीत खुशी
उदाहरण
“आप ही मेरी पूरी दुनिया हैं।”
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3. स्टेज ट्रेनिंग
पात्र
1 गणेश जी
1 कार्तिकेय
1 शिव जी
1 पार्वती जी
स्टेज सजावट
कुर्सी = पर्वत (कैलाश)
रंगीन कपड़े = देवता
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स्टेज संवाद
शिव जी
“जो दुनिया की परिक्रमा करेगा, वही जीतेगा।”
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कार्तिकेय
“मैं अभी जाता हूँ!”
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गणेश जी
“मेरे लिए मेरे माता-पिता ही दुनिया हैं।”
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4. ग्रुप खेल
खेल : सबसे बड़ा कौन?
बच्चों से पूछें
सबसे बड़ा कौन है?
सबसे प्यारा कौन है?
बच्चे जवाब देंगे
माता-पिता
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5. अभिनय खेल
5 बच्चों का समूह
गणेश जी
कार्तिकेय
शिव जी
पार्वती जी
दर्शक
बच्चे पूरी कहानी का अभिनय करेंगे।
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6. बच्चों से पूछने वाले सवाल
1 प्रतियोगिता क्या थी?
2 कार्तिकेय ने क्या किया?
3 गणेश जी ने क्या किया?
4 गणेश जी क्यों जीते?
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7. संस्कार अभ्यास
बच्चों से कहें
आज से
माता-पिता का सम्मान करेंगे
उनकी बात मानेंगे
उनका धन्यवाद करेंगे
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अब हम 12 कहानियाँ पूरी कर चुके हैं 🎉
अगर आप चाहें तो अगली कहानी और भी सुंदर है:
👉 कहानी 13 : मेहनती चींटी
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