कहानी 13 : मेहनती चींटी
1. बच्चों को सुनाने की कहानी
एक बार की बात है,
एक छोटी मेहनती चींटी थी।
वह हर दिन खाना इकट्ठा करती रहती थी।
गर्मी के दिनों में वह बहुत मेहनत करती
और अपने घर में अनाज जमा करती थी।
वहीं पास में एक टिड्डा (grasshopper) था।
वह दिन भर गाता और खेलता रहता था।
वह चींटी से कहता
“तुम इतना काम क्यों करती हो? चलो खेलते हैं!”
चींटी बोली
“मुझे भविष्य के लिए तैयारी करनी है।”
कुछ समय बाद बरसात और सर्दी आ गई।
अब टिड्डे के पास खाने को कुछ नहीं था।
वह भूखा और परेशान हो गया।
लेकिन चींटी के पास बहुत सारा खाना था।
टिड्डे को अपनी गलती समझ आ गई।
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सीख
समय पर मेहनत करने वाला ही आगे खुश रहता है।
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2. आवाज़ ट्रेनिंग
जगह कैसे बोलें
कहानी शुरू शांत
चींटी काम करना सामान्य
टिड्डा गाना मजेदार
सर्दी आना धीमी
अंत समझाने वाली
उदाहरण
“चलो खेलते हैं!” (मस्ती भरी आवाज)
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3. स्टेज ट्रेनिंग
पात्र
1 चींटी
1 टिड्डा
2–3 अनाज के दाने (बच्चे)
मौसम (बारिश)
स्टेज सजावट
कागज = अनाज
नीला कपड़ा = बारिश
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स्टेज संवाद
चींटी
“मुझे मेहनत करनी है।”
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टिड्डा
“अरे छोड़ो काम! चलो खेलते हैं!”
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4. ग्रुप खेल
खेल : मेहनत करो
बच्चों को दो समूह में बाँटें
1 चींटी (काम करने वाले)
2 टिड्डा (खेलने वाले)
फिर अंत में दिखाएँ कि
कौन खुश है → चींटी
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5. अभिनय खेल
4–5 बच्चों का समूह
चींटी
टिड्डा
अनाज
मौसम
बच्चे पूरी कहानी का अभिनय करेंगे।
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6. बच्चों से पूछने वाले सवाल
1 चींटी क्या करती थी?
2 टिड्डा क्या करता था?
3 सर्दी में क्या हुआ?
4 हमें क्या सीख मिलती है?
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7. संस्कार अभ्यास
बच्चों से कहें
आज से
समय पर पढ़ाई करेंगे
मेहनत करेंगे
समय बर्बाद नहीं करेंगे
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अब हम 13 कहानियाँ पूरी कर चुके हैं 🎉
अगर आप चाहें तो अगली कहानी और भी मजेदार है:
👉 कहानी 14 : दयालु राजा
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