Posts

Showing posts from April, 2026

कहानी 9 : सच्चा दोस्त

1. बच्चों को सुनाने की कहानी एक बार दो अच्छे दोस्त जंगल से गुजर रहे थे। वे दोनों हमेशा कहते थे “हम हमेशा एक-दूसरे का साथ देंगे।” अचानक सामने से एक भालू आ गया। एक दोस्त जल्दी से पेड़ पर चढ़ गया। दूसरे दोस्त को पेड़ पर चढ़ना नहीं आता था। वह जमीन पर लेट गया और साँस रोककर मरने का अभिनय करने लगा। भालू उसके पास आया, उसे सूंघा… और उसे मरा हुआ समझकर चला गया। जब भालू चला गया, तो पेड़ पर बैठा दोस्त नीचे आया। उसने पूछा “भालू तुम्हारे कान में क्या कह रहा था?” दूसरा दोस्त बोला “भालू कह रहा था — ऐसे दोस्त से दूर रहो जो मुसीबत में तुम्हें छोड़ दे।” --- सीख सच्चा दोस्त वही है जो मुश्किल समय में साथ दे। --- 2. आवाज़ ट्रेनिंग जगह कैसे बोलें कहानी शुरू शांत भालू आना डरावनी आवाज दोस्त भागना तेज़ भालू सूंघना धीरे अंत समझाने वाली आवाज उदाहरण “अचानक… एक बड़ा भालू आ गया!!!” --- 3. स्टेज ट्रेनिंग पात्र 2 दोस्त 1 भालू 2 पेड़ स्टेज सजावट हरा कपड़ा = जंगल पेड़ = खड़े बच्चे --- स्टेज संवाद दोस्त 1 “हम हमेशा साथ रहेंगे!” (भालू आता है) “मैं पेड़ पर चढ़ रहा हूँ!” --- दोस्त 2 “अरे! मुझे भी साथ ले चलो!” --- 4. ग्रुप ...

कहानी 10 : सच बोलने वाला बालक

  1. बच्चों को सुनाने की कहानी एक गाँव में एक छोटा सा बालक रहता था। वह बहुत सीधा और सच्चा था। एक दिन वह घर में खेल रहा था। खेलते-खेलते उसने गलती से एक घड़ा तोड़ दिया। “धड़ाम!!!” बालक डर गया। उसे लगा कि माँ उसे डाँटेंगी। लेकिन उसने सोचा “मुझे सच बोलना चाहिए।” जब माँ आईं, तो बालक बोला “माँ, मैंने गलती से घड़ा तोड़ दिया।” माँ ने पहले उसे देखा… फिर मुस्कुराईं। माँ बोलीं “तुमने सच बोला, मुझे तुम पर गर्व है।” और उन्होंने उसे प्यार किया। --- सीख गलती हो जाए तो भी हमेशा सच बोलना चाहिए। --- 2. आवाज़ ट्रेनिंग जगह कैसे बोलें कहानी शुरू शांत घड़ा टूटना “धड़ाम!” जोर से बच्चा डरना धीमी आवाज सच बोलना साफ और धीमी माँ खुश होना प्यार भरी आवाज उदाहरण “माँ… मैंने घड़ा तोड़ दिया…” --- 3. स्टेज ट्रेनिंग पात्र 1 बालक 1 माँ 2 घर के सदस्य (वैकल्पिक) स्टेज सजावट मिट्टी का बर्तन = घड़ा घर जैसा सेट --- स्टेज संवाद बालक “मैं खेल रहा हूँ…” (घड़ा टूटता है) “ओह! अब क्या करूँ?” --- माँ “यह किसने किया?” --- बालक “माँ, मैंने किया।” --- 4. ग्रुप खेल खेल : सच बोलो शिक्षक बच्चों से छोटे सवाल पूछे जैसे “अगर तुमसे गलती...

कहानी 11 : श्रवण कुमार

  1. बच्चों को सुनाने की कहानी बहुत समय पहले एक बालक था — श्रवण कुमार। वह अपने माता-पिता से बहुत प्यार करता था। उसके माता-पिता अंधे थे। वे कहीं जा नहीं सकते थे। श्रवण कुमार ने सोचा “मैं अपने माता-पिता को तीर्थ यात्रा कराऊँगा।” उसने एक कांवड़ बनाई। दोनों तरफ टोकरी रखी और अपने माता-पिता को बैठाया। वह उन्हें अपने कंधों पर बैठाकर जंगल-जंगल, गाँव-गाँव घुमाने लगा। एक दिन वह पानी लेने गया। उसी समय राजा दशरथ शिकार कर रहे थे। उन्हें लगा कोई जानवर पानी पी रहा है। उन्होंने तीर चला दिया। तीर जाकर श्रवण कुमार को लग गया। श्रवण कुमार गिर पड़ा। राजा दौड़कर आए और दुखी हो गए। श्रवण कुमार ने कहा “राजा जी… मेरे माता-पिता को पानी दे दीजिए…” और फिर उसने अपने प्राण त्याग दिए। राजा जब उसके माता-पिता के पास पहुँचे तो वे बहुत दुखी हुए। --- सीख हमें हमेशा माता-पिता की सेवा और सम्मान करना चाहिए। --- 2. आवाज़ ट्रेनिंग जगह कैसे बोलें कहानी शुरू शांत माता-पिता का प्यार भावुक तीर लगना थोड़ा तेज़ अंतिम संवाद धीमी और दुखी अंत गंभीर उदाहरण “राजा जी… मेरे माता-पिता को पानी दे दीजिए…” --- 3. स्टेज ट्रेनिंग पात्र 1 श...

कहानी 12 : गणेश जी की परिक्रमा

1. बच्चों को सुनाने की कहानी एक दिन भगवान शिव जी और माता पार्वती ने अपने दोनों पुत्रों — गणेश जी और कार्तिकेय — से कहा: “जो पूरी दुनिया की परिक्रमा करके पहले आएगा, वही विजेता होगा।” कार्तिकेय तुरंत अपने मोर पर बैठकर दुनिया की परिक्रमा करने निकल पड़े। लेकिन गणेश जी शांत खड़े रहे। उन्होंने सोचा… “मेरे लिए मेरे माता-पिता ही पूरी दुनिया हैं।” फिर उन्होंने अपने माता-पिता के चारों ओर तीन बार परिक्रमा की। और हाथ जोड़कर बोले “आप ही मेरी दुनिया हैं।” जब कार्तिकेय वापस आए, तो उन्होंने देखा कि गणेश जी पहले ही जीत चुके हैं। शिव जी और पार्वती जी बहुत प्रसन्न हुए और गणेश जी को विजेता घोषित किया। --- सीख माता-पिता ही हमारे लिए सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। --- 2. आवाज़ ट्रेनिंग जगह कैसे बोलें कहानी शुरू शांत प्रतियोगिता घोषणा उत्साह कार्तिकेय उड़ना तेज़ गणेश जी सोचना धीमी जीत खुशी उदाहरण “आप ही मेरी पूरी दुनिया हैं।” --- 3. स्टेज ट्रेनिंग पात्र 1 गणेश जी 1 कार्तिकेय 1 शिव जी 1 पार्वती जी स्टेज सजावट कुर्सी = पर्वत (कैलाश) रंगीन कपड़े = देवता --- स्टेज संवाद शिव जी “जो दुनिया की परिक्रमा कर...

कहानी 13 : मेहनती चींटी

1. बच्चों को सुनाने की कहानी एक बार की बात है, एक छोटी मेहनती चींटी थी। वह हर दिन खाना इकट्ठा करती रहती थी। गर्मी के दिनों में वह बहुत मेहनत करती और अपने घर में अनाज जमा करती थी। वहीं पास में एक टिड्डा (grasshopper) था। वह दिन भर गाता और खेलता रहता था। वह चींटी से कहता “तुम इतना काम क्यों करती हो? चलो खेलते हैं!” चींटी बोली “मुझे भविष्य के लिए तैयारी करनी है।” कुछ समय बाद बरसात और सर्दी आ गई। अब टिड्डे के पास खाने को कुछ नहीं था। वह भूखा और परेशान हो गया। लेकिन चींटी के पास बहुत सारा खाना था। टिड्डे को अपनी गलती समझ आ गई। --- सीख समय पर मेहनत करने वाला ही आगे खुश रहता है। --- 2. आवाज़ ट्रेनिंग जगह कैसे बोलें कहानी शुरू शांत चींटी काम करना सामान्य टिड्डा गाना मजेदार सर्दी आना धीमी अंत समझाने वाली उदाहरण “चलो खेलते हैं!” (मस्ती भरी आवाज) --- 3. स्टेज ट्रेनिंग पात्र 1 चींटी 1 टिड्डा 2–3 अनाज के दाने (बच्चे) मौसम (बारिश) स्टेज सजावट कागज = अनाज नीला कपड़ा = बारिश --- स्टेज संवाद चींटी “मुझे मेहनत करनी है।” --- टिड्डा “अरे छोड़ो काम! चलो खेलते हैं!” --- 4. ग्रुप खेल खेल : मेहनत करो बच्चों...

कहानी 14 : दयालु राजा

  1. बच्चों को सुनाने की कहानी एक राज्य में एक दयालु राजा रहता था। वह हमेशा अपने लोगों की मदद करता था। एक दिन वह अपने राज्य में घूम रहा था। उसने देखा कि एक गरीब बूढ़ा आदमी भूखा बैठा है। राजा तुरंत उसके पास गया और उसे खाना और पानी दिया। कुछ दूर जाने पर उसने देखा एक घायल पक्षी जमीन पर पड़ा है। राजा ने उसे उठाया, उसका इलाज करवाया और उसकी जान बचाई। राजा रोज ऐसे ही लोगों और जानवरों की मदद करता था। इसलिए उसके राज्य के सभी लोग उसे बहुत प्यार करते थे। --- सीख दया और मदद करने से हमें सबका प्यार मिलता है। --- 2. आवाज़ ट्रेनिंग जगह कैसे बोलें कहानी शुरू शांत गरीब आदमी देखना दुखी आवाज राजा मदद करना प्यार भरी आवाज पक्षी घायल धीमी अंत खुशी उदाहरण “लो, यह खाना खा लो।” --- 3. स्टेज ट्रेनिंग पात्र 1 राजा 1 गरीब आदमी 1 पक्षी 2–3 लोग स्टेज सजावट कुर्सी = सिंहासन कपड़ा = सड़क/गाँव --- स्टेज संवाद राजा “मैं अपने लोगों की मदद करूँगा।” --- गरीब आदमी “मुझे बहुत भूख लगी है…” --- राजा “लो, यह खाना खा लो।” --- 4. ग्रुप खेल खेल : मदद करो बच्चों को छोटे-छोटे काम दें पानी देना किताब उठाना दोस्त को उठाना जो बच...