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🚩अम्बे जी की आरती

🚩जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुम को निशदिन ध्यावत तुम को निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी ओम्  जय अम्बे गौरी जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुम को निशदिन ध्यावत तुम को निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी ओम्  जय अम्बे गौरी मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को मैया टीको मृगमद को उज्जवल से दोउ नैना उज्जवल से दोउ नैना चन्द्रबदन नीको ओम्  जय अम्बे गौरी कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजे मैया रक्ताम्बर राजे रक्त पुष्प दल माला रक्त पुष्प दल माला कंठन पर साजे ओम्  जय अम्बे गौरी केहरि वाहन राजत खड़्ग खप्पर धारी मैया खड़्ग खप्पर धारी सुर-नर मुनिजन सेवत सुर-नर मुनिजन सेवत तिनके दुखहारी ओम्  जय अम्बे गौरी कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती मैया नासाग्रे मोती कोटिक चन्द्र दिवाकर कोटिक चन्द्र दिवाकर राजत सम ज्योति ओम्  जय अम्बे गौरी शुम्भ निशुम्भ विडारे, महिषासुर धाती मैया महिषासुर धाती धूम्र विलोचन नैना धूम्र विलोचन नैना निशदिन मदमाती ओम्  जय अम्बे गौरी चण्ड मुण्ड संहारे, सोणित बीज हरे मैया सोणित बीज हरे मधु कैटभ दोऊ मारे मधु कैटभ दोऊ मारे सुर भयहीन करे ओम्  ज...

🚩 खाना बनाते समय क्या आपको चाहिए आसान और उपयोगी टिप्स

प्रायः लोग खाना बनाने से दूर भागते हैं क्योंकि उन्हें किचन में होने वाली गलतियों से डर लगता है। उन्हें लगता है कि अगर खाना जल गया तो या कच्चा रह गया तो या फिर स्वाद अच्छा नहीं हुआ तो! मगर ये उतना मुश्किल है नहीं जितना लोग इसे समझते हैं। इन सभी गलतियों के लिए एक्सपर्ट्स ने कई टिप्स और हैक्स तैयार किये हैं जिनकी मदद से किचन में हुई छोटी-मोटी गलतियों को सुधारा जा सकता है। जानें 20 कमाल के किचन टिप्स जो आपके खाने का स्वाद दुगना कर देंगे। ये टिप्स बनाएंगे आपके खाना पकाने के अनुभव को और भी बेहतर! 1. छेना फाड़ने के बाद उससे निकला पानी फेंके नहीं। उसका इस्तेमाल रोटी या परांठे का आटा गूंथने के लिए करें। रोटी-पराठे ज़्यादा टेस्टी और मुलायम बनेंगे। 2. पकौड़ों के लिए बैटर बनाते समय उसमें थोड़ा-सा चावल का आटा मिला दें, पकौड़े ज़्यादा क्रिस्पी बनेंगे। 3. पुरानी या बासी ब्रेड को पीस कर एयरटाइट डिब्बे में रख लें। बाद में इसका इस्तेमाल कटलेट या कबाब बनाने में करेंगे। वो टूटेंगे भी नहीं और स्वादिष्ट भी बनेंगे। 4. कोई भी मीठी डिश बनाते समय उसमें एक चुटकी नमक डालें, इससे स्वाद और ज़्यादा उभर कर आएगा। 5....

🚩 वेट लॉस बेसिक डाइट चार्ट फ्रॉम डाइटीशियन

सुबह-सुबह 5.30 सुबह   1 गिलास गुनगुना पानी + 1/4 नींबू रस + 2 भीगे हुए बादाम + 5 किशमिश 7.15 सुबह सैर के बाद 1 कप जल सूर्य नमस्कार या एक्सरसाइज करने के बाद  नाश्ता 9.30 सुबह   एक प्लेट सूजी उपमा या 1 प्लेट सूजीशेवया 2 डोसा + भुने चने दाल की चटनी उपमा या 2 इडली + सांबर  या फुल्का + एक कटोरी आपके मनपसंद कोई भी अंकुरित अनाज  11.30 सुबह  1 गिलास छाछ   1.30 दोपहर  3/4 ज्वार /नाचनी/ बाजरा की रोटी / या फुल्का + 1कटोरी कोई भी दाल/ या + हरी सब्जी या (मूंग मसूर मटकी) आपके मनपसंद अंकुरित अनाज + 1 कटोरी दही /या एक ग्लास छाछ + मिक्स सलाद /या टोमेटो गाजर खीरा मिलाकर दही मिलाकर रायता भी बना सकती   दोपहर 3.30 बजे 1 कोई भी मौसमी फल (आम चीकू मैंगो कटहल छोड़ कर ) 5.30pm दोपहर एक कप चाय + 1कटोरी मुरमुरा चिवड़ा / या + भुने हुए चने एक कटोरी या/ सिंपल खाखरा 8.00 रात बजे का भोजन 1) 1 फुल्का + हरी पत्ती सब्जी + एक कटोरी दाल + 1 कटोरी रायता 2) एक फुल्का + मसूर करी + सलाद 3) उबले हुए मूंग उसके साथ टोमेटो प्याज दही के साथ मूंग चाट 4) मुंह उतप्पा मूंग दाल...

🚩 कैंसर की रामबाण औषधि

अब किसी भी इंसान को कभी नहीं होगा कैंसर, कैसे काम करेगा डॉक्टरों का नया MEDSRX फॉर्म्युला? क्या अब किसी भी इंसान को कभी नहीं होगा कैंसर, कैसे काम करेगा डॉक्टरों का नया MEDSRX फॉर्म्युला? कैंसर हर साल बड़ी संख्या में लोगों को अपना शिकार बनाता है।  इस बीमारी के होने के एक नहीं कई कारण हैं। इनमें से कुछ को खानपान सही करके और लाइफस्टाइल बेहतर बनाकर कंट्रोल कर सकते हैं। क्या अब किसी भी इंसान को कभी नहीं होगा कैंसर, कैसे काम करेगा डॉक्टरों का नया MEDSRX फॉर्म्युला? MEDSRX Formula For Cancer : कैंसर का परमानेंट इलाज भले ही अब तक नहीं ढूंढा जा सका है लेकिन अब इस बीमारी का जड़ से सफाया करने का तरीका मिल गया है। हर साल लाखों लोगों की जान लेने वाला कैंसर अब कभी भी किसी को नहीं होगा।  हाल ही में एक पॉडकास्ट में डॉ. तरंग कृष्णा ने कैंसर (Cancer) से बचने के लिए एक कमाल का फॉर्मूला बताया है, जो जिंदगीभर कैंसर को आपसे दूर रख सकता है। इस फॉर्मूले का नाम MEDSRX है। इसमें हर अल्फाबेट का अपना मतलब है, जो खास आदतों से जुड़ा है। दावा है कि अगर इन्हें रेगुलर तौर पर किया जाए तो कैंसर का रिस्क काफी ...

🚩नीरज स्मृति 1🚩

 अपनी बेटी की सुन लो पुकार मेरी मां, साथ सजन के तन पे हो लाली चुनर। तेरा होगा बड़ा उपकार मेरी मां। तेरा होगा बड़ा उपकार मेरी मां।  तेरी बेटी का सिंदूर  हो अजर ,अमर। अपनी बेटी की सुन ले पुकार मेरी मां.....। जब  मंदिर में सोहे मुझे तेरी ही मूर्ति। मेरी नैया  मेरे खेवैया बिन किस काम की। इस बगिया का माली सदा ही सलामत रहे। माला  जपती हूं मै सदा ही तेरे नाम की। माला जपती रहूंगी तेरे नाम की। दया मुझपर भी करना मेरी दयावान  मां। साथ साजन के तन पर हो लाली चुनर......। मेरे जीवन का मालिक है मेरे सजन।  उम्र मेरी भी उसको दे देना मां, बस इसके शिवा कुछ मांगती नहीं। इस दिल में है बस यही अरमान  मां। इस दिल में है बस यही अरमान मां। अपनी बेटी की सुन लो पुकार मेरी मा।  साथ सजन के तन पर हो लाली चुनर।            नीरज स्मृति🚩

🚩 एक ख़तरनाक साजिश

   🔥 “संयुक्त परिवार तोड़कर उपभोक्ता बनाया गया भारत 🌍 “जब परिवार टूटते हैं, तभी बाजार फलते हैं” ये सिर्फ विचार नहीं, रणनीति है। 🌏 आधुनिकता या छुपी हुई ग़ुलामी? ✊🏻भारत की सबसे मजबूत चीज क्या थी? भारत पर मुग़ल आए, अंग्रेज़ आए, और कई हमलावर आए — लेकिन एक चीज़ कभी नहीं टूटी:- 👉 हमारा संयुक्त परिवार। 🔅3 पीढ़ियाँ एक छत के नीचे 🔅 बुज़ुर्गों का अनुभव 🔅बच्चों में संस्कार 🔅खर्च में सामूहिकता 🔅त्यौहारों में गर्माहट यह हमारी असली “Social Security” थी। कोई पेंशन की ज़रूरत नहीं थी, कोई अकेलापन नहीं, कोई Mental Health Crisis नहीं। 💣 पश्चिम को यह चीज़ क्यों खटकने लगी? पश्चिमी देश उपनिवेशवादी रहे हैं उनके लिए बाज़ार सबसे बड़ा धर्म है। लेकिन भारत जैसा देश, जहाँ लोग साझा करते हैं, कम खर्च करते हैं, और सामूहिक सोच रखते हैं वहां वे अपने उत्पाद बेच ही नहीं पा रहे थे। ❇️इसलिए एक शातिर रणनीति बनाई गई: “इनके परिवार ही तोड़ दो, हर कोई अकेला हो जाएगा, और हर कोई ग्राहक बन जाएगा।” 🚩कैसे हुआ ये हमला? 📺 1. मीडिया के ज़रिए संयुक्त परिवार को “झगड़ों का अड्डा”, “बोझ” और “रुकावट” के रूप में दिखाया ...

🚩रामदूत बजरंगी भजन🚩

 हे रामदूत बजरंगबली हनुमान सहारा बन जाओ , हे रामदूत बजरंगबली हनुमान सहारा बन जाओ। हनुमान सहारा बन जाओ बजरंगी सहारा बन जाओ, हनुमान सहारा बन जाओ बजरंगी सहारा बन जाओ। हे रामदूत बजरंगबली हनुमान सहारा बन जाओ। ।।१।। सीता की खोज में लंका से सीता को खोज के लाए तुम, सीता की खोज में लंका से सीता को खोज के लाए तुम। सोने की लंका खाक हुई, बजरंगी सहारा बन जाओ, सोने की लंका खाक हुई, बजरंगी सहारा बन जाओ। हे पवनपुत्र बजरंगबली हनुमान सहारा बन जाओ, हनुमान सहारा बन जाओ बजरंगी सहारा बन जाओ, हे रामदूत बजरंगबली हनुमान सहारा बन जाओ। ।।२।। लक्ष्मण को... शक्ति लगी थी जब, तुम राम का दुख ना.. देख सके, लक्ष्मण को... शक्ति लगी थी जब, तुम राम का दुख ना.. देख सके। द्रोणा...गिरि हाथ उठाए थे, संजीवनी लाकर अमर हुए, द्रोणा...गिरि हाथ उठाए थे, संजीवनी लाकर अमर हुए। हे रामदूत बजरंगबली हनुमान सहारा बन जाओ, हनुमान सहारा बन जाओ बजरंगी सहारा बन जाओ, हे रामदूत बजरंगबली हनुमान सहारा बन जाओ। ।।३।। हे संकटमोचन भयमोचन हे पापविमोचन पवनपुत्र, हे संकटमोचन भयमोचन हे पापविमोचन पवनपुत्र! जो संकट में तुम्हे याद करे उन सबके सहारा बन ...

🚩ईश्वर का पत्र🚩

 🛡️📜🛡️📜🛡️📜🛡️📜🛡️📜🛡️                      🌟✨मीठे बच्चे✨🌟 _🌟आज सवेरे जब आप निन्द्रा से उठे, तब एक आशा लिये मैं आपको देख रहा था कि आप जरूर मुझसे कुछ बातें करेंगे। चाहे केवल थोड़े ही शब्दों में क्यों न हों, मगर आप मुझसे अवश्य ही कुछ बातें करेंगे। आप मेरा अभिप्राय जानना चाहेंगे या फिर कल आपके जीवन में जो-जो भी शुभ घटनायें घटी, आप उसके लिये मुझे धन्यवाद अवश्य देंगे। किन्तु मैंने देखा कि आप अत्यन्त ही व्यस्त थे। कार्य-स्थल पर पहुँचने की जल्दी में आप अपने प्रातःकार्यों से निपटने में रत थे। मैंने सोचा कि जब आप अपने प्रातःकार्यों से निपट लेंगे तब आप मुझे याद करेंगे..... और मैं प्रतीक्षा करता रहा जब आप तैयार होकर घर से निकल पड़े, तब मैं समझता था कि कुछ मिनट ठहरकर आप मुझे नमस्कार या 'हेलो' तो ज़रूर करोगे। किन्तु मैंने देखा कि आप तब भी बहुत व्यस्त थे और आप मुझसे बात किये बिना ही अपने कार्य-स्थल पर पहुँच गये।  कार्य-स्थल  पर पहुँचने के बाद भी आपके पास पर्याप्त समय था मुझे याद करने के लिए, परन्तु आपने मुझे याद नहीं किया...

🚩वेद वाणी 🚩

 🚩🇮🇳🚩🇮🇳🚩🇮🇳🚩🇮🇳🚩🇮🇳🚩🇮🇳 जीवन की सुगंध का आनंद वही ले सकता है जो खिलने और बिखरने वाले पलों के बीच महक जाने की काबिलियत रखता हो! यहाँ पर मौजूदगी की कदर किसी को नहीं फिर तस्वीर को देखकर अक्सर लोग रोते हैं......        भागवत में लिखी ये 10 भयंकर बातें कलयुग में हो रही हैं सच.....  1. ततश्चानुदिनं धर्मः सत्यं शौचं क्षमा दया कालेन बलिना राजन् नङ्‌क्ष्यत्यायुर्बलं स्मृतिः ॥   कलयुग में धर्म, स्वच्छता, सत्यवादिता, स्मृति, शारीरिक शक्ति, दया भाव और जीवन की अवधि दिन-ब-दिन घटती जाएगी।   2. वित्तमेव कलौ नॄणां जन्माचारगुणोदयः । धर्मन्याय व्यवस्थायां कारणं बलमेव हि ॥  कलयुग में वही व्यक्ति गुणी माना जायेगा जिसके पास ज्यादा धन है। न्याय और कानून सिर्फ एक शक्ति के आधार पे होगा !   3. दाम्पत्येऽभिरुचि र्हेतु, मायैव व्यावहारिके । स्त्रीत्वे पुंस्त्वे च हि रतिः विप्रत्वे सूत्रमेव हि ॥   कलयुग में स्त्री-पुरुष बिना विवाह के केवल रूचि के अनुसार ही रहेंगे व्यापार की सफलता के लिए मनुष्य छल करेगा और ब्राह्मण सिर्फ नाम के होंगे।   4...

🚩अंतिम विदाई पर अंतिम सन्देश 🚩

 🚩🇮🇳🚩  क्या आप श्री राम जी व श्री कृष्ण जी के भक्त हैं?? क्या आपने रामायण और महाभारत देखी है?? तो पुनः अध्ययन करें व निर्णय लें कि आप कौन हैं  कहीं जाने अनजाने विधर्मी तो नहीँ बन गए हैं। कहीं जाने अनजाने राष्ट्र विरोधी तो नहीँ बन गए हैं???    यदि ऐसा कुछ है तो बाद में रोने व हाथ मलने से उचित है कि स्वार्थ, निजी समस्याओ की कचरा पेटी को त्यागकर धर्म की ओर प्रस्थान किया जाए 🙏🏻🙏🏻 कृष्ण और भीष्म पितामह मृत्युशैया संवाद भीष्म चुप रहे , कुछ क्षण बाद बोले, "पुत्र युधिष्ठिर का राज्याभिषेक करा चुके केशव ... ? उनका ध्यान रखना , परिवार के बुजुर्गों से रिक्त हो चुके राजप्रासाद में उन्हें अब सबसे अधिक तुम्हारी ही आवश्यकता है" .... ! कृष्ण चुप रहे .... ! भीष्म ने पुनः कहा , "कुछ पूछूँ केशव .... ? बड़े अच्छे समय से आये हो .... ! सम्भवतः धरा छोड़ने के पूर्व मेरे अनेक भ्रम समाप्त हो जाएं " .... !! कृष्ण बोले - कहिए न पितामह ....! एक बात बताओ प्रभु ! तुम तो ईश्वर हो न .... ? कृष्ण ने बीच में ही टोका , "नहीं पितामह ! मैं ईश्वर नहीं ... मैं तो आपका पौत्र हूँ पितामह ... ...