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Showing posts from May, 2019

इस पोस्ट से यदि एक भी किसान का सर ऊंचा उठा, तो समझेंगे लिखना सफल हो गया।

एक किसान का जीवन यापन किसान के घर जन्म लिया है तो एक बार पूरा अवश्य पढ़े ​ एक किसान की मन की बात​: कहते हैं.. इन्सान सपना देखता है तो वो ज़रूर पूरा होता है. मगर किसान के सपने कभी पूरे नहीं होते। यहां से पढ़ें बड़े अरमान और कड़ी मेहनत से फसल तैयार करता है, और जब तैयार हुई फसल को बेचने मंडी जाता है। बड़ा खुश होते हुए जाता है... बच्चों से कहता है... आज तुम्हारे लिये नये कपड़े लाऊंगा फल और मिठाई भी लाऊंगा।। पत्नी से कहता है.. तुम्हारी साड़ी भी कितनी पुरानी हो गई है फटने भी लगी है आज एक साड़ी नई लेता आऊंगा।। पत्नी:–”अरे नही जी..!” “ये तो अभी ठीक है..!” “आप तो अपने लिये जूते ही लेते आना कितने पुराने हो गये हैं और फट भी तो गये हैं..!” जब किसान मंडी पहुँचता है। ये उसकी मजबूरी है.. आप भी खरीदें वो अपने माल की कीमत खुद नहीं लगा पाता। व्यापारी उसके माल की कीमत अपने हिसाब से तय करते हैं... एक साबुन की टिकिया पर भी उसकी कीमत लिखी होती है.। एक माचिस की डिब्बी पर भी उसकी कीमत लिखी होती है.। लेकिन किसान अपने माल की कीमत खु़द नहीं कर पाता .। खैर.. माल बि...

रानी अहिल्याबाई होल्कर

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अहिल्याबाई का जन्म 31 मई सन् 1725 में हुआ था।  भारतीय वीरांगना अहिल्याबाई के पिता मानकोजी शिंदे एक मामूली किंतु संस्कार वाले आदमी थे। इनका विवाह इन्दौर राज्य के संस्थापक महाराज मल्हारराव होल्कर के पुत्र खंडेराव से हुआ था। सन् 1745 में अहिल्याबाई के पुत्र हुआ और तीन वर्ष बाद एक कन्या। पुत्र का नाम मालेराव और कन्या का नाम मुक्ताबाई रखा। उन्होंने बड़ी कुशलता से अपने पति के गौरव को जगाया। कुछ ही दिनों में अपने महान् पिता के मार्गदर्शन में खण्डेराव एक अच्छे सिपाही बन गये। मल्हारराव को भी देखकर संतोष होने लगा। पुत्र-वधू अहिल्याबाई को भी वह राजकाज की शिक्षा देते रहते थे। उनकी बुद्धि और चतुराई से वह बहुत प्रसन्न होते थे।  मल्हारराव के निधन के बाद उन्होंने पेशवाओं की गद्दी से आग्रह किया कि उन्हें क्षेत्र की प्रशासनिक बागडोर सौंपी जाए। मंजूरी मिलने के बाद 1766 में रानी अहिल्यादेवी मालवा की शासक बन गईं। उन्होंने तुकोजी होल्कर को सैन्य कमांडर बनाया। उन्हें उनकी राजसी सेना का पूरा सहयोग मिला। अहिल्याबाई ने कई युद्ध का नेतृत्व किया। वे एक साहसी योद्धा थी और बेहतरीन तीरंदाज। हाथी की...

अमित शाह जी

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आइए आज हम जानते हैं अपने वर्तमान गृहमंत्री जी के बारे में:👉 अमित शाह जी का पूरा नाम अमितभाई अनिलचंद्र शाह है।  यह एक भारतीय राजनेता और वर्तमान में भारत के गृह मंत्री हैं। वे भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। भारत के गुजरात राज्य के गृहमंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी के महासचिव रह चुके हैं। जाने कैसे हटेगा धारा 370 शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को महाराष्ट्र के मुंबई में एक व्यापारी के घर हुआ था। वे गुजरात के एक रईस परिवार से ताल्लुक रखते है। उनका गाँव पाटण जिले के चँन्दूर में है। मेहसाणा में शुरुआती पढ़ाई के बाद बॉयोकेमिस्ट्री की पढ़ाई के लिए वे अहमदाबाद आए, जहां से उन्होने बॉयोकेमिस्ट्री में बीएससी की, उसके बाद अपने पिता का बिजनेस संभालने में जुट गए। राजनीति में आने से पहले वे मनसा में प्लास्टिक के पाइप का पारिवारिक बिजनेस संभालते थे। इनका विवाह सोनल शाह से हुई, जिनसे उन्हें एक पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, जिनका नाम जय है। अमित शाह जी अपनी माँ के बेहद करीब थे,जिनकी मृत्यु 8 जून 2010 को एक बीमारी से हो गयी। वे बहुत कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ...

निर्मला सीतारमण जी

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निर्मला सीतारमण निर्मला सीतारमण जी भारत की प्रथम पूर्णकालिक महिला वित्तमन्त्री हैं। सितम्बर २०१७ से मई २०१९ तक वे रक्षामंत्री रही थीं और उससे पहले वे भारत की वाणिज्य और उद्योग (स्वतंत्र प्रभार) तथा वित्त व कारपोरेट मामलों की राज्य मंत्री रह चुकी हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से संबद्ध हैं तथा पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुकी हैं।  निर्मला सीतारमण जी भारत की पहली पूर्णकालिक महिला रक्षा मंत्री भी रह चुकी हैं। निर्मला सीतारमण जी ने 1980 में सीतालक्ष्मी रामास्वामि कॉलेज, तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु से स्नातक की शिक्षा पूर्ण की। निर्मला सीतारमण जी ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विषय में एम॰फ़िल॰ की। निर्मला सीतारामन् प्राइसवॉटरहाउस कूपर्स के साथ वरिष्ठ प्रबंधक (शोध एवं विश्लेषण) के तौर पर भी कार्य कर चुकी हैं। उन्होंने कुछ समय के लिए बीबीसी विश्व सेवा के लिए भी कार्य किया। निर्मला सीतारमण जी हैदराबाद में स्थित प्रणव स्कूल के संस्थापकों में से एक हैं। निर्मला सीतारमण जी का जन्म 18 अगस्त 1959 में एक ब्राम्हण परिवार में हुआ था। इनक...

आदर्श कैबिनेट

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नरेंद्र दामोदर दास मोदी  राजनाथ सिंह अमित शाह नितिन गड़करी सदानंद गौड़ा निर्मला सीतारमण रामविलास पासवान नरेंद्र सिंह तोमर रविशंकर प्रसाद हरसिमरत कौर बादल एस जयशंकर रमेश पोखरियाल निशंक थावर चंद गहलोत अर्जुन मुंडा स्मृति ईरानी हर्षवर्धन प्रकाश जावड़ेकर पीयूष गोयल धर्मेंद्र प्रधान मुख़्तार अब्बास नकवी प्रहलाद जोशी महेंद्र नाथ पांडेय अरविंद सावंत गिरिराज सिंह गजेन्द सिंह शेखावत संतोष गंगवार राव इंद्रजीत सिंह श्रीपद नाईक जितेन्द्र सिंह किरण रिजिजू प्रहलाद सिंह पटेल आर के सिंह हरदीप सिंह पुरी मनसुख मंडाविया फग्गन सिंह कुलस्ते अश्विनी चौबे जनरल (रिटायर) वी के सिंह कृष्ण पाल गुज्जर दानवे रावसाहेब दादाराव जी किशन रेड्डी पुरुषोत्तम रूपाला रामदास अठावले साध्वी निरंजन ज्योति बाबुल सुप्रियो संजीव कुमार बलियान धोत्रे संजय समराव अनुराग सिंह ठाकुर सुरेश अंगादी नित्यानंद राय वी मुरलीधरन रेणुका सिंह सोम प्रकाश रामेश्वर तेली प्रताप चन्द्र सारंगी कैलाश चौधरी देबाश्री चौधरी अर्जुन राम मेघवाल रतनलाल कटारिया ...

अकल्पनीय......

यदि यह सत्य है, तो हम सभी को सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा.... श्रीलंका में एक स्थान है करुनेगला ! यहीं पर एक काफी पुराना और प्रतिष्ठित अस्पताल है .. करुनेगला टेक्निकल हॉस्पिटल ! पूरे शहर में एक ही अस्पताल है तो काफी भीड़ रहती है... चूंकि सिंहली और तमिल हिन्दू बहुल शहर है तो आम मरीज़ भी इन्ही समुदायों के होते हैं... कुछ परिवार मुस्लिम भी हैं... चूंकि अस्पताल प्रतिष्ठित है, स्पेशलिस्ट डाक्टर भी खूब हैं तो दूर-दूर से मरीज़ आते हैं !... इसी अस्पताल के स्त्री रोग विभाग के अध्यक्ष अस्वाभाविक रूप से डाक्टर मोहम्मद सीगु सियाब्दीन हैं जो गाइनकॉलजिस्ट हैं... 5 वक्त के नमाज़ी मुसलमान हैं...  यह नोटिस किया जा रहा था कि डॉक्टर मोहम्मद सियाब्दीन मुस्लिम स्त्रियों का नसबंदी ऑपरेशन नहीं करते थे औऱ उन्हें नसबंदी के नुकसान गिनाते थे ! अपनी चेष्ठा में वह सफल भी रहते थे... अस्वाभाविक रूप से डाक्टर साहब के पास कोलंबों और करुनेगला जैसी जगहों पर 17 प्रॉपर्टी थीं,जिसकी कीमत रु 400 करोड़ हैं... खबर यह है कि यह धन उसे सऊदी अरब से प्राप्त होता था... श्रीलंका को मोमिन बहुल बनाने के प्रयासों हेतु... प्रयास क्या ...

पढ़ें, समझें और स्वयं को सशक्त बना कर देश को सशक्त बनाएं।

जरुर  पढे और रीट्वीट करें नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बनने के बाद, एक दिन अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ रेस्तरां में खाना खाने गए। खाने का आर्डर दिया और उसके आने का इंतजार करने लगे ।  उसी समय मंडेला की सीट के सामने एक व्यक्ति भी अपने खाने का आने का इंतजार कर रहा था । मंडेला ने अपने सुरक्षाकर्मी को कहा, उसे भी अपनी टेबुल पर बुला लो। ऐसा ही हुआ, खाना आने के बाद सभी खाने लगे, वो आदमी भी साथ खाने लगा, पर उसके हाथ खाते समय काँप रहे थे। माथा पसीने से तर था। खाना खत्म कर वो आदमी सिर झुका कर होटल से निकल गया । उस आदमी के खाना खा के जाने के बाद मंडेला के सुरक्षा अधिकारी ने मंडेला से कहा कि वो व्यक्ति शायद बहुत बीमार था। खाते वक़्त उसके हाथ लगातार कांप रहे थे। वह भी कांप रहा था और पसीना भी आ रहा था। घबराया सा भी लग रहा था। मंडेला ने कहा नहीं  ऐसा नहीं है। वह उस जेल का जेलर था, जिसमें मुझे रखा गया था। जब कभी मुझे यातनाएं दी जाती और मै कराहते हुये पानी मांगता तो ये गाली देता हुआ मेरे ऊपर पेशाब करता था । मंडेला ने कहा , मै अब राष्ट्रपति बन गया हूं, उसने समझा कि ...

वास्तव में आपका प्रिय वही है जिसे आपने यह आवश्यक संदेश दिया होगा

यह मैसेज प्रत्येक जिम्मेदार/गैरजिम्मेदार व्यक्ति के लिए है और बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसे कृपया अपने परिवार के प्रत्येक सदस्य और खासकर बच्चों व अपने प्रियजनों को अवश्य पढ़ाएं और समझाएं:- कई वर्ष पहले जे0 पी0 होटल वसंत विहार नई दिल्ली में आग की दुर्घटना हुई, जिसमें बहुत सारे भारतीय मारे गए लेकिन जापानी और अमेरिकन नहीं। जानते हैं क्यों? मैं आपको बताता हूँ:- 1.  सभी अमेरिकन और जापानी लोगों ने अपने कमरों के दरवाज़ों के नीचे खाली जगहों में गीले तौलिये लगा दिए और खाली जगहों को सील कर दिया, जिससे धुआं उनके कमरों तक नहीं पहुंच सका। या बहुत कम मात्रा में पहुंचा। 2.  इन सभी विदेशी मेहमानों ने अपनी नाक पर गीले रुमाल बांध लिए, जिससे उनके फेफड़ों में धुआं प्रवेश न कर सके। 3.  सभी विदेशी मेहमान अपने अपने कमरों के फर्श पर औंधे लेट गए। (क्योंकि धुआं हमेशा ऊपर की ओर उठता है) इस प्रकार जब तक अग्निशमन विभाग के कर्मचारी आये, तब तक वे अपने आपको जीवित रख पाने में सफल रहे। जबकि होटल के भारतीय मेहमानों को इन सुरक्षा उपायों के बारे में पता ही नहीं था इसलिए वे इधर से उधर भागने लगे और उनके...

एक पिता की बेहतरीन पालना

पिता की ममता पिता की ममता- जिसे पढ़कर आपकी आंखें गीली हो जाएंगी । ममता के लिए एक स्त्री होना जरूरी नहीं होता । बेटी के द्वारा अपने पिता पर लिखा गया निबन्ध जिसे कहानी के शब्द रूपी मोतियों में पिरोया गया है । शहर के एक अन्तरराष्ट्रीय प्रसिद्धि के विद्यालय के बग़ीचे में तेज़ धूप और गर्मी की परवाह किये बिना, बड़ी लग्न से पेड़ - पौधों की काट छाँट में लगा था कि तभी विद्यालय के चपरासी की आवाज़ सुनाई दी, "गंगादास! तुझे प्रधानाचार्या जी तुरंत बुला रही हैं।" गंगादास को आख़िरी के पांँच शब्दों में काफ़ी तेज़ी महसूस हुई और उसे लगा कि कोई महत्त्वपूर्ण बात हुई है जिसकी वज़ह से प्रधानाचार्या जी ने उसे तुरंत ही बुलाया है। शीघ्रता से उठा, अपने हाथों को धोकर साफ़ किया और चल दिया, द्रुत गति से प्रधानाचार्या के कार्यालय की ओर। उसे प्रधानाचार्या महोदया के कार्यालय की दूरी मीलों की लग रही थी जो ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही थी। उसकी हृदयगति बढ़ गई थी। सोच रहा था कि उससे क्या ग़लत हो गया जो आज उसको प्रधानाचार्या महोदया ने तुरंत ही अपने कार्यालय में आने को कहा। वह एक ईमानदार कर्मचारी था और अपने...

कारगिल की सत्य घटना

सन् 1999 कारगिल_युद्ध .... तोलोलिंग पहाड़ी पर जंग जारी थी,  तोलोलिंग की वो पथरीली पहाड़ी  पूरे युद्ध के दौरान हुई कैजुल्टियों में से  लगभग आधी कैजुल्टियों के लिए  जिम्मेदार थी. कारगिल की सबसे पेचीदा, मुश्किल , और खूनी जंग यहीं लड़ी गई थी.  Artillery support के बगैर ही. 18 ग्रिनेडियर और 16 ग्रिनेडियर बटालियनो ने बेहिसाब नुकसान झेला था. महीने भर के संघर्ष और खून बहाने के बाद भी तोलोलिंग भारत की पहुँच से दूर थी. जनरल वेद प्रकाश मलिक के लिए ये एक चुनौती थी, क्योकि भारतीय आक्रमण की धार यहाँ आकर कुंद पड जाती थी. ग्रिनेडियर्स के लगातार धावे केवल उनकी कैजुल्टियों का फिगर बढ़ा रहे थे, मजबूरन एक नई और ताजा दम बटालियन को ये टास्क सौंपा गया था. कुपवाड़ा से एक नई बटालियन 2nd राजपूताना राईफल्स को 24 घंटे के अंदर गुमरी में रिपोर्ट करने को कहा गया,  केवल एक दिन के Acclimatization (मौसम और टैरेन के अनुसार ढलने की एक मिलिट्री टर्म ) के बाद ही बटालियन को लाँच करने प्लानिंग उनके कमांडिंग आॅफिसर Colonel- M.B.Ravindranath ने की थी. कर्नल रविंद्रनाथ ने बटालियन के चुनिंदा...

भारत वर्ष पर सत्य विचार

मुस्लिमों के आतंक से दुखी होकर मुसलमानों पर सबसे ज्यादा जुल्म करने वाले देश ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ 1--चीन:- रोजा ,रमजान,नमाज, दाढ़ी, बुरखा सब प्रतिबंधित। 2--म्यांमार:- मुस्लिम आतंकी को देखते ही मारने का आदेश ,मस्जिदें लगभग सभी गिरा दी गयी। 3--जापान:- इस्लाम प्रतिबंधित, इस्लाम का प्रचार एक क़ानूनी अपराध। संयुक्त राष्ट्र से किसी मुस्लिम को शरण देने से साफ मना कर दिया। 4--अंकोला:- इस्लाम प्रतिबंधित 5--फ़्रांस:- 210 मस्जिदे एक दिन में गिराई। 6--ऑस्ट्रेलिया:- सभी मुस्लिमो को दी चेतावनी,कानून माने या देश छोड़े। 7--ब्रिटेन:- मुस्लिम से भेदभाव और नफरत। 8--अमेरिका:- एयरपोर्ट पर ही कपड़े उतरवा लेना , शाहरुख़ और आज़म खान भुक्तभोगी। 9--इसराइल:- मुस्लिम का कट्टर शत्रु। ईंट का जवाब पत्थर से। 10--श्रीलंका:- सभी मस्जिदों की तलाशी व बुरखा पर बैन। अब मुस्लिम देशो में मुस्लिम का हाल ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ 1--पाकिस्तान:- शिया सुन्नी के नाम पर हर साल दंगे , औसतन पाकिस्तान में हर साल 4000 शिया व अहमदी क़त्ल किये जाते है । 2--अफगानिस्तान:- आये दिन बम धमाके , ब...

सूरत अग्नि कांड मे बच्चे ऐसे बच सकते थे

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👉 एक ज़रूरी आलेख Shruti Agrawal की वॉल से जो मुझे WhatsApp Messenger पर मिला........ सूरत अग्निकांड सूरत में हुए हादसे के बहाने जानिए सीरत अपनी 21 बच्चे हमेशा के लिए सो गए फिर भी हम नहीं जागेंगे, हैं ना... "कुछ विषय ऐसे होते हैं जिनपर लिखना खुद की आत्मा पर कुफ्र तोड़ने जैसा है, सूरत की बिल्डिंग में आग...21 बच्चों की मौत...आग और घुटन से घबराए बच्चों को इससे भयावह वीडियो आज तक नहीं देखा....इससे ज्यादा छलनी मन और आत्मा आज तक नहीं हुई....फिर भी लिखूंगी...क्योंकि हम सब गलत हैं, सारे कुएं में भांग पड़ी हुई है। हमने किताबी ज्ञान में ठूंस दिया बच्चों को नहीं सिखा पाए लाइफ स्किल। नहीं सिखा पाए डर पर काबू रख शांत मन से काम करना।" मम्मा डर लग रहा है...एग्जाम के लिए सब याद किया था लेकिन एग्जाम हॉल में जाकर भूल गया...कुछ याद ही नहीं आ रहा था। पांव नम थे...हाथों में पसीना था...आप दो मिनिट उसे दुलारते हैं...बहलाने की नाकाम कोशिश करते हैं फिर पढ़ लो- पढ़ लो- पढ़ लो की रट लगाते हैं। सुबह 8 घंटे स्कूल में पढ़कर आए बच्चे को फिर 4-5 घंटे की कोचिंग भेज देते हैं। जिंदगी की दौड़ का घोड...

2019 में 12th & 10th उत्तीर्ण विद्यार्थी के लिए स्कॉलरशिप

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प्रिय देशवासियों,  कृपया 10 वीं और 12 वीं उत्तीर्ण बच्चों के सभी माता-पिता को सूचित करें।  हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा अब्दुल कलाम जी और वाजपेयी जी के नाम पर एक छात्रवृत्ति योजना है।   75% से अधिक स्कोर करने वाले छात्रों के लिए ₹10,000/- ये फॉर्म muncipal Corporation में उपलब्ध हैं। कृपया सभी को सूचित करें   12 वीं कक्षा के लिए, 85% से ऊपर ₹25000/- ज्यादा से ज्यादा फॉरवर्ड करें  लाभार्थी आवेदन हेतु Dear People, Please inform all parents of 10th and 12th passed children. There is a scholarship scheme by our PM Narendra modi in the name of Abdul Kalam and vajapeyee.  For students scoring more than 75% Who will get ₹10,000/- These forms r available in the muncipal corporation . Pls do not ignore . For 12th std ,above 85% its ₹25000/- Forword to everyone Someone somewhere needs it…so..plzz website link to download application https://www.desw.gov.in/scholarshi

PADMA AWARD

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२०१९ का नामांकन शुरू हो गया है और अंतिम तिथि १५ सितम्बर है। PADMA AWARDS The Padma Awards are one of the highest civilian honours of India announced annually on the eve of Republic Day. The Awards are given in three categories: Padma Vibhushan (for exceptional and distinguished service), Padma Bhushan (distinguished service of higher order) and Padma Shri (distinguished service). The award seeks to recognize achievements in all fields of activities or disciplines where an element of public service is involved. The Padma Awards are conferred on the recommendations made by the Padma Awards Committee, which is constituted by the Prime Minister every year. The nomination process is open to the public. Even self-nomination can be made. HISTORY AND RELEVANCE The Government of India instituted two civilian awards-Bharat Ratna & Padma Vibhushan in 1954. The latter had three classes namely Pahela Varg, Dusra Varg and Tisra Varg. These were subsequently renamed as Padma Vibhush...